यह ब्लॉग खोजें

लोड हो रहा है. . .

समर्थक

"थाली के बैंगन" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

>> 24 August, 2011

गोल-गोल हैं, रंग बैंगनी,
बैंगन नाम हमारा है।
सुन्दर-सुन्दर रूप हमारा,
सबको लगता प्यारा है।।

कुछ होते हैं लम्बे-लम्बे,
कुछ होते हैं श्वेत-धवल।
कुछ होते हैं टेढ़े-मेढ़े,
कुछ होते हैं बहुत सरल।

सभी जगह पर थाली के 
बैंगन ही बिकने आते है।
चापलूस लोगों से तो,
सब ही धोखा खा जाते हैं।

इनका भरता बना-बनाकर,
चटकारे ले-लेकर खाना।
किन्तु कभी अपने जीवन में,
खुदगर्ज़ों को मुँह न लगाना।।
(कुछ चित्र गूगल छवियों से साभार)

21 comments:

Rahul Singh 24 अगस्त 2011 10:13 pm  

सीधी, सरल और साफ बात.

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ 24 अगस्त 2011 10:22 pm  

क्या बात है...बहुत ख़ूब

मनोज कुमार 24 अगस्त 2011 10:46 pm  

बैगन से भी सीख दी जा सकती है, कोई आपसे सीखे। इस कविता में क्या नहीं है! बैगन का रूप रंग, उपयोग, मुहावरे और अंत में कमाल तो आपने किया है संदेश देकर। अत्यंत प्रभावित करती रचना।

Archana 25 अगस्त 2011 1:28 am  

अच्छी कविता..सरल संदेश..

Sunil Kumar 25 अगस्त 2011 7:01 am  

सीधी सच्ची बात, बच्चों से ज्यादा बड़ों के काम की, .....

वाणी गीत 25 अगस्त 2011 7:45 am  

किन्तु कभी अपने जीवन में,
खुदगर्ज़ों को मुँह न लगाना...
बच्चों और बड़ों सबके लिए सार्थक सन्देश ...
आभार!

DR. ANWER JAMAL 25 अगस्त 2011 8:12 am  

यही सही है कि इनका भरता बना लिया जाए।
हम तो यही कर रहे हैं।
आपके फ़ोटो ग़ज़ब के हैं आपके ही खींचे गए लगते हैं।

vidhya 25 अगस्त 2011 10:35 am  

क्या बात है...बहुत ख़ूब

Maheshwari kaneri 25 अगस्त 2011 10:42 am  

सुन्दर और सरल संदेश देती कविता...

Suresh kumar 25 अगस्त 2011 12:47 pm  

सभी जगह पर थाली के
बैंगन ही बिकने आते है।
चापलूस लोगों से तो,
सब ही धोखा खा जाते हैं।
बहुत ही अच्छी कविता और सन्देश देने वाली
..............धन्यवाद् ...

"रुनझुन" 25 अगस्त 2011 12:52 pm  

बहुत अच्छी है ये कविता...थैंक्यू अंकल!!!

Nisha Mittal 25 अगस्त 2011 12:54 pm  

बहुत सुन्दर शास्त्री जी,स्वार्थी लोगों से बच कर रहना जरूरी है,परन्तु लगता है दुनिया में निस्वार्थ लोग बहुत कम हैं.

Sanat Pandey 25 अगस्त 2011 6:46 pm  

bahut khoob

ऋता शेखर 'मधु' 25 अगस्त 2011 10:00 pm  

बहुत अच्छी लगी यह कविता,साथ में चित्र भी बहुत अच्छे हैं|उपयोगी संदेश देती हुई कविता के लिए धन्यवाद...|

Sapna Nigam ( mitanigoth.blogspot.com ) 26 अगस्त 2011 9:00 am  

बालोपयोगी सरलतम शब्दावली उत्कृष्ट कविता.

Ankit pandey 26 अगस्त 2011 9:08 am  

किन्तु कभी अपने जीवन में,
खुदगर्ज़ों को मुँह न लगाना।।

bilkl sahi kaha hai aapne, aabhaar.

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) 26 अगस्त 2011 9:11 am  

आपकी पोस्ट की हलचल आज यहाँ भी है

संगीता स्वरुप ( गीत ) 26 अगस्त 2011 11:42 am  

सार्थक सीख देती अच्छी रचना ..

सदा 26 अगस्त 2011 12:33 pm  

बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

रेखा 26 अगस्त 2011 4:03 pm  

सुन्दर सीख देती हुई रचना ...

सुनीता शानू 4 सितम्बर 2011 8:16 am  

चर्चा में आज नई पुरानी हलचल

आपकी चर्चा

"चुराइए मत! अनुमति लेकर छापिए!!

Protected by Copyscape Online Infringement Software

Footer

अब मेरे सभी ब्लॉग्स blogspot.com पर आ गये हैं!
(उच्चारण)
http://uchcharan.blogspot.in
/
(शब्दों का दंगल)http://uchcharandangal.
blogspot
.in/
(नन्हे सुमन)http://nicenice-nice.
blogspot
.in/
(बाल चर्चा
मंच)
(चर्चा मंच)http://charchamanch.
blogspot
.in/
(ब्लॉगमंच)http://blogsmanch.blogspot.in/
(अमरभारती)http://bhartimayank.
blogspot
.in/
(हर्ष-आदित्य)http://harshaditya.blogspot.in/

ई-मेल- roopchandrashastri@gmail.com

बच्चों के बलॉग

  • प्‍यारे जादू को Happy Birthday. - तीन बरस........ कितनी जल्‍दी बीत गए। जादू की शरारतों, उसकी मासमूमियत से रोशन है हमारी दुनिया। जादू....तुम्‍हें जन्‍मदिन बहुत मुबारक। ................
    1 दिन पहले
  • मेरी फर्स्ट होम वर्क बुक - अभी तक मुझे स्कूल से होम वर्क नहीं दिया जाता था । अब मुझे पहली बार स्कूल से होम वर्क बुक मिली है । मैंने खूब अच्छे से अपना काम किया और मुझे टीचर ने बाइक स...
    2 दिन पहले
  • अंडमान को बाय-बाय.. - पता ही नहीं चला कि अंडमान में कैसे दिन गुजर गए. .पूरे दो साल.. अब पापा का इलाहाबाद के लिए ट्रांसफर हो गया है. हम सब बहुत खुश हैं. खूब मस्ती से पैकिंग कर र...
    3 दिन पहले
  • मासूमों ko kaun देखेगा। - हर शहर में अक्षम bachchon ke liye directory होनी चाहिए और उनko सपोर्ट kahan से मिले इसki व्यवस्था समाज ko सजग लोगों ko karni चाहिए। सरkar ko भी इस दिशा में...
    3 दिन पहले
  • रंग बदलने में मोटू जी, गिरगिटान के भाई। -  गिरगिटान के भाई। -कृष्‍णेश्‍वर डींगर  कभी पहनते कुर्ता टोपी, कभी सूट नेक टाई। रंग बदलने में मोटू जी, गिरगिटान के भाई। कभी हमारी टीम पकड़ कर, बैट्स मैन बन जा...
    4 दिन पहले
  • कविता : इलेक्शन - इलेक्शन जब कोई कुछ सोचता है , अपने मन को ही क्यों नोचता है ...... अब आ गये हैं इलेक्शन , इस इलेक्शन में देखो क्या होता है ..... गरीब-अमीर है बन जाता , उतन...
    4 दिन पहले
  • चंदा मामा - मामा बनते हो तुम चंदा मेरे घर पर कभी न आते. तारों साथ रात भर रहते पर बच्चों के पास न आते. घटते बढ़ते रोज रोज क्यों, पूरे तुम अच्छे लगते हो. इसका राज बताओ ...
    4 दिन पहले
  • पुतला (Dummy)से डर - माधव को पुतलों से बहुत डर लगता है . आप दिल्ली में किसी भी बाजार में जाओ, कपड़ो की दूकान के बाहर पुतले ही पुतले नजर आयेंगे . अभी हाल में ही हम कमला नगर शोपि...
    5 दिन पहले
  • Happy Mahashivratri - कल महाशिवरात्रि थी इसलिए मैंने सुबह सुबह उठ कर भागवान शिव की ये तस्वीर बनाई थी.
    6 दिन पहले
  • कुछ लघु कविताएं - *औरत *** हाथ के फफोले सूख गए सब आंसुओं के तेजाब में अब तो ऑंखें उगलती हैं आग और हाथ सहलाते हैं दरांती की पैनी धार को किसी बलात्क...
    6 दिन पहले
  • वीकेंड जयपुर ज़ू में… :) - एक बार फिर से मैं जयपुर ज़ू घूमने गयी थी. पिछली बार तो मुझे सारे एनिमल्स के नाम नहीं मालूम थे.. पर इस बार तो मैंने उन्हें देखते ही पहचान लिया.. और मैंने पा...
    6 दिन पहले
  • Pankhuri ka third BIRTHDAY - हमने कहा था कि अगली पोस्ट जन्मदिन की तस्वीरों के साथ होगी और लीजिये हमने अपने वादे को पूरा कर दिया ...ये बात और कि पूरे दो महीने बाद....पंखुरी बेटी का जन्म...
    1 सप्ताह पहले
  • ये बचपन के पल..... - खुशियों का मेला लगता है बचपन की गलियों में हर कोई अपने में मस्‍त फिक्र के साये दूर खड़े झुंझलाते रहते हैं बस ................ हर चीज़ बि...
    1 सप्ताह पहले
  • मेरी मुनिया - *खिलखिलाई*** *पहाड़ी नदी-जैसी*** *मेरी मुनिया ।*** इन हाइकु को देने का लोभ संवरण नहीं कर पा रहा हूँ- *सुदर्शन रत्नाकर*** *1*** *तुम्हारी हँसी** सितार बज...
    1 सप्ताह पहले
  • एंड्रायड से पोस्ट post through android - पेन्ट किया पार्थवी ने पोस्ट किया मैने .... बताया नवीन जी हिन्दीटेक ने नतीजा कामयाब रहा
    2 हफ़्ते पहले
  • "हम प्रसून हैं अपने मन के" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक") - *हम प्रसून हैं अपने मन के* [image: [DSCI0030.JPG]] *गन्घ भरे हम सुमन चमन के।*** *हम प्रसून हैं अपने मन के।।*** *आँगन में खिलते-मुस्काते,*** *देशभक्ति की ...
    2 हफ़्ते पहले
  • चिडियों का अनशन - *कोयल ने इक दिन जल्दी से*** *सब चिड़ियों को पास बुलाया*** *कटते जाते पेड़ सभी अब*** *उसने सबको ये बतलाया।*** *कहां रहेंगे हम सब बहना*** *कहां बनेगा नीड़ हम...
    2 हफ़्ते पहले
  • सुनो, सपनों के राजकुमार... - *सुनो, सपनों के राजकुमार* *तुम्हारे सिवा किसी से ना चाहा प्यार* *चुप सह लिया इसीलिये मन पर हर वार* *और मांगा तुम्हें, चाहा तुम्हें* *पहले से ज़्यादा हर बार...
    3 हफ़्ते पहले
  • मैं पापा बन गयी ........अब मैं बाइक चलाऊँगी ! - मैं पापा बन गयी...... अब मैं बाइक चलाऊँगी ready .......
    4 हफ़्ते पहले
  • जोर लगा के हईशा ....चमको रे दंतु चमको - जैसा कि आप इस ब्लॉग की कई पोस्टें देख चुके हैं और फ़ोटो के माध्यम से मैं आपको दिखाता बताता रहा हूं कि हमारे घर की नई मास्टर ....मास्टर बुलबुल अपने अनोखे ...
    4 हफ़्ते पहले
  • भारतीय गणतन्त्र : राष्ट्रीय पर्व - भारतीय गणतन्त्र चिरायु हो इस राष्ट्रीय पर्व पर समस्त हार्दिक शुभकामनाएँ © डॉ. कविता... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links...
    4 हफ़्ते पहले
  • बहादुर बच्चों के जज्बे को सलाम..!! - कहते हैं हौसले हों तो आकाश भी छू लेता है मनुष्य. फिर बच्चे तो इस देश के भविष्य हैं. उनका जज्बा हमें प्रेरणा देता है. ऐसे ही 24 बच्चों को इस साल राष्ट्रीय व...
    5 हफ़्ते पहले
  • Clay Art -
    5 हफ़्ते पहले
  • कविता एक सुरीली : रावेंद्रकुमार रवि का नया शिशुगीत - *सभी नन्हे साथियों को ढेर-सारा प्यार!*** नए साल में मैं अभी तक सरस पायस पर कोई रचना नहीं सजा पाया था! आज अंतरजाल पर विचरण करते समय मेरी मुलाकात अनुष्का ...
    1 महीने पहले
  • हमने बना दिया अपने पिताजी का स्केच - आपको हमने पहले भी एक बार बताया था कि हमको पेंटिंग करने का बहुत शौक है। हमने आपको अपनी पेंटिंग भी दिखाई थी। यह शौक कुछ तो हमें अपने पिताजी के कारण से है ...
    1 महीने पहले
  • सच ...माँ को तो... कुछ भी नहीं पता !! - रूद्र को पढ़ाने के क्रम में मैंने उसे स्माल एल्फाबेट लिखना , सिखानेशुरु किये है           जब उसे स्माल बी लिखना बता रही थी .वह जल्दी  समझ गया तो सोचा की क्य...
    1 महीने पहले
  • Happy birthday Saloni - सलोनी परिहार 4 जनवरी 2012 अंजनी परिहार- ऋचा (मम्मी - पापा ) , हिमांशु , भारतेंदु (भाई ), निधि वर्मा (बहिन ), हरिकृष्ण वर्मा - भागवंती (अंकल- आंटी) औ...
    1 महीने पहले
  • Happy New Year 2012 - सभी को नए साल की ढेर सारी शुभकामनायें ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ आज की फोटो माथेरान की है, मुंबई के पास एक छोटा सा हिल स्टेशन . बहुत सुन्दर जगह है ये.... मैंन...
    1 महीने पहले
  • आओ नव-वर्ष का स्वागत करें - *नव-वर्ष पर आपको बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनाएँ!*
    1 महीने पहले
  • breaking news... - मैंने ने दो मछलिया पाली....एक जेरी ..दूसरी फेरी...... सफाई करते हुए माँ ने मछलियों का pot फोड़ दिया...माँ ने भी नहीं सोचा होगा कि इसकी खबर मीडिया को हों ज...
    2 महीने पहले
  • मगरमच्छ से मुकाबला.. - दिल्ली के चिड़ियाघर से मैं और मम्मा एक मगरमच्छ खरीद लाये.. बड़ा सा.. मुझसे भी बड़ा.. और अब प्रेक्टिस हो रही है उसे काबू में रखने कि... पहले मुंह चेक क...
    2 महीने पहले
  • नन्हीं ब्लागर अक्षिता (पाखी) को 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार" - (बाल दिवस, 14 नवम्बर पर विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में महिला और बाल विकास मंत्री माननीया कृष्णा तीरथ जी ने हमारी बिटिया अक्षिता (प...
    3 महीने पहले
  • जिदंगी की किताब के पन्नो में रिश्तों के खूबसूरत लम्हें - मै कोपल कोकास मेरे लिए क्या हर व्यक्ति के लिए जिदंगी बहुतखूबसूरत है जिदंगी एक किताब की तरह है जिसमें कई खूबसूरत पन्ने है । हर पन्ने को खुदा एक एक करके खोल...
    3 महीने पहले
  • चकई के चकादुम - चकई के चकादुम, चकई के चकादुम, गांव की मडैया, साथ रहें हम तुम! चकई के चकादुम, चकई के चकादुम ग्वाले की गैया, दूध पिएँ हम तुम! चकई के चकादुम, चकई के चकादुम ...
    5 महीने पहले
  • मेरा रंग दे बसंती चोला माँ मेरे रंग दे बसंती चोला - 15 अगस्त यानी के स्वतन्त्रता दिवस; यह दिन हमें याद दिलाता है उस रक्त रंजित इतिहास की जिसमे छिपी पड़ी है ,अनगिनत कुर्बानियां. शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरू ...
    6 महीने पहले
  • मेरे नाम अनेक -डा. नागेश पांडेय 'संजय' - *शिशुगीत : डा. नागेश पांडेय 'संजय'* मेरे नाम अनेक , दोस्तों , मैं छोटा सा भोलू . कोई मुझसे सोनू कहता , कोई कहता गोलू . दादा जी कहते हैं टिंकू , दादी क...
    8 महीने पहले
  • माय डेस अट मंगलायतन युनिवेर्सिटी. - My Days at Mangalayatan University, Aligarh Slideshow: HEMANT’s trip from Aligarh (near Vrindavan, Uttar Pradesh, India) to was created by TripAdvisor. See...
    8 महीने पहले
  • effects - *प्रस्तुत कविता मेरे द्वारा लिखी गयी है ............* *Flowers in desert,* *so unusual..* *but not impossible..* * * *A man with no eyes..* *so difficult.....
    9 महीने पहले
  • फिर जहाँ थे वहीं चले ....!! - इस बार जन्मदिन की धूम बहुत दिन चली . ममा पापा और सभी चाहने वालों ने मिलकर बर्थडे वीक सेलिब्रेट किया . ४थे जन्मदिन पर ४-४ केक काटे गए . डीज़नी लेंड में मिकी...
    9 महीने पहले
  • ये रही मेरी जन्मदिन की तस्वीरें :) - हालाँकि थोड़ी देर हो गई क्या करूँ मैं आपको अपने बारे में हर चीज वक्त से बताना चाहता हूँ पर अभी किसी कारणवश देरी हो रही है मैं जहाँ रहता हूँ न वहाँ Internet ...
    9 महीने पहले
  • मैं प्रधानमंत्री बनी तो देश का लुक बदल दूंगी - महज 13 साल की लड़की सड़क पर किसी आदमी को पोलीथीन फेंकते देखकर कहती है कि अगर मैं कभी देश की प्रधानमंत्री बनी तो देश का पूरा लूक ही बदल दूंगी। यह लड़की और कोई न...
    9 महीने पहले
  • मेरा जन्म दिन : Deendayal Sharma - मेरा जन्म दिन : चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया विक्रम सम्वत 2013 यानी गणगौर पर्व पर मेरा जन्म दिन है..अंग्रेजी तारिख के हिसाब से इस बार मेरा जन्म दिन 6 ...
    10 महीने पहले
  • बेबी रेबिट - एक बेबी रेबिट था । उसे एक चाक्लेट मिली । उसनें वह चाक्लेट अपनी मम्मी को दे दी । उसकी मम्मी बहुत हैपी हुई ।फ़िर मम्मी नें बेबी रेबिट से पूछा " तुम क्या लोगे ...
    1 साल पहले
  • "मंगलमय नववर्ष - HAPPY NEW YEAR-2011" (बाल चर्चा मंच-33) - चर्चाकार:डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" Happy New Year 2011 [image: Happy New Year] *आप सभी को नववर्ष २०११ के आगमन **की **हार्दिक शुभकामनाएँ.....!!!!* *---...
    1 साल पहले
  • हिन्दी लिखना सीख रही हूँ - क्यों चौंक गए ना ? बहुत दिनों से या सच कहें तो कई सालों से पापा ने मेरा ब्लॉग नहीं लिखा है। देखते-देखते मैं ६ साल की हो गयी हूँ। अगस्त में पहली क्लास में ...
    1 साल पहले
  • काबुलीवाला - जेब में जादू का दीया और बाती मिन्नी की मटकती आँखें और काबुलीवाले का जादू... गलती से बड़ी हुई मिन्नी काबुलीवाले ने घुमाई छडी छोटी बन गई मिन्नी चंदामामा...
    1 साल पहले
  • ज्ञ से ज्ञानी........ - ज्ञ कहता है प्यारे बच्चों, अब आई है मेरी बारी, शांत होकर बैठो सभी, सुनो मेरी कहानी प्यारी। ज् व ञ के मिलने से, मैं अस्तित्व में आया, वर्णमाला का अ...
    1 साल पहले
  • Dream - If fishes flew high above with wings in place of Bird if bees sang song of love and all little babes were twins. so what it is ? only a Dream. . If beautifu...
    2 साल पहले
  • बिग आल- हूबहू नहीं पर कहानी वही - आज ऐन्ड्रू क्लेमेंट्स योशी की कहानी "बिग आल" का हिन्दी रूपांतरण- हूबहू नहीं पर कहानी वही। पूरे नीले समंदर में बिग आल जैसी अच्छी मछली नहीं थी। मगर वो दि...
    2 साल पहले
  • मैं कवि बनता नहीं - खाली कागज पर नीली स्‍याही वाले पैन से चंद आडी तिरक्षि‍ लकीरें खींचने से कोई कविता नहीं बनती न ही कोई कवि बन जाता ऐसे ही कवि बनने के लिए अपना दिल बाहर निकाल ख...
    2 साल पहले

  © Blogger templates Romantico by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP