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02 नवंबर, 2010

“टॉम-फिरंगी…चौकीदार हमारे!” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

टॉम-फिरंगी प्यारे-प्यारे।
दोनों चौकीदार हमारे।।

हमको ये लगते हैं अच्छे।
दोनों ही हैं सीधे-सच्चे।।
यह हैं नित्य नियम से न्हाते।
खुश होकर साबुन मलवाते।। 

बाँध चेन में इनको लाते।
बाबा कंघी से सहलाते।।
IMG_1731इन्हे नहीं कहना बाहर के।
संगी-साथी ये घरभर के।।

सुन्दर से हैं बहुत सलोने।
दोनों ही हैं स्वयं खिलौने।।