कविता : आधी आजादी
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आधी आजादी
हो गई है देश की आजादी ,
छा गया है फिर से अन्धेरा....
सोचा था कि कुछ पल कुछ दिन जी लूँ ,
करू रात को दिन जैसा उजियारा .....
पर चोर और बदमाश नेताओ...
7 घंटे पहले
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6 comments:
पढ़-लिख कर ज्ञानी बन जाना।
कभी न उल्लू तुम कहलाना।।
उल्लू प्रशस्ति अच्छी लगी, सन्देश बहुत सुन्दर
बहुत खूब ....सन्देश देती रचना...और उल्लू की सारी विशेषता भी बता दी हैं....अच्छी बाल कविता
बहुत खूब ....सन्देश देती रचना.
सुंदर गीत...शास्त्री जी धन्यवाद
बहुत खूब
आकर्षक होने के कारण
इस पोस्ट को चर्चा मंच पर
"आज ख़ुशी का दिन फिर आया"
के रूप में सजाया गया है!
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