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20 मई, 2010

“तितली रानी” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

"नन्हे सुमन का 50वाँ पुष्प"


तितली रानी, तितली रानी!
तुमने क्या है मन में ठानी!!


उड़कर दूर देश से आई!
लगता है लग गई थकाई!!


सुस्ताने को हाथ मिला है!
मुझे तुम्हारा साथ मिला है!!
IMG_1197तुम रंगों का भरा समन्दर!
पंख तुम्हारे लगते सुन्दर!!


चलो तुम्हें मैं ले जाता हूँ!
थोड़ा पानी पिलवाता हूँ!!


ताजादम जब हो जाओगी!
पंख हिलाती उड़ जाओगी!!