यह ब्लॉग खोजें

लोड हो रहा है. . .

समर्थक

"देशी फ्रिज होती सुखदायी" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

>> 24 April, 2011

सुराही
पानी को ठण्डा रखती है,
मिट्टी से है बनी सुराही।
बिजली के बिन चलती जाती,
देशी फ्रिज होती सुखदायी।।

छोटी-बड़ी और दरम्यानी,
सजी हुई हैं सड़क किनारे।
शीतल जल यदि पीना चाहो,
ले जाओ सस्ते में प्यारे।।

इसमें भरा हुआ सादा जल,
अमृत जैसा गुणकारी है।
प्यास सभी की हर लेता है,
निकट न आती बीमारी है।।

अगर कभी बाहर हो जाना,
साथ सुराही लेकर जाना।
घर में भी औ' दफ्तर में भी,
इसके जल से प्यास बुझाना।।

10 comments:

मनोज कुमार 24 अप्रैल 2011 8:34 pm  

शास्त्री जी, कोई विषय आपसे अछूता नहीं रह सकता।
दूसरे, इस तरह कि कविता पढ़कर मन करता है, फिर से आठ-दस या उससे भी कम साल का हो जाऊं और आपकी गोद में बैठकर इन कविताओं को स-स्वर सुनूं!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) 24 अप्रैल 2011 8:41 pm  

अपनी टिप्पणी में मैं यह वार्तालाप दे रहा हूँ!
--
मैं
मनोज कुमार जी!
मुझे आप गोद ले लीजिए। आपकी गोद में बैठकर बाल कविताएँ सुनाता रहूँगा!

मनोज
हाहाहा
फिर तो बात जमेगी नहीं

मैं
खूब गुजरेगी जब बैठेंगे दीवाने दो।

मनोज
हाहाहा
यह अच्छा जवाब रहा।

मनोज कुमार 24 अप्रैल 2011 8:43 pm  

पर ये सुराही छोटी तो नहीं पड़ जाएगी।
*
*
*
*
*
(पानी की ही बात कर रहा हूं, कुछ और मत सोच लीजिएगा)!

GirishMukul 24 अप्रैल 2011 9:24 pm  

आभार
अदभुत

डॉ. नागेश पांडेय "संजय" 24 अप्रैल 2011 10:05 pm  

आप इस प्रस्तुति के लिए बधाई के सुपात्र हैं

Kailash C Sharma 24 अप्रैल 2011 10:18 pm  

बहुत सुन्दर प्रस्तुति..हम अब भी देसी फ्रिज का पानी पीते हैं, क्योंकि गला खराब होने का डर नहीं होता..आप ने किसी विषय को अछूता नहीं छोड़ा..आभार

DR. ANWER JAMAL 24 अप्रैल 2011 10:28 pm  

इसमें भरा हुआ सादा जल,
अमृत जैसा गुणकारी है।
प्यास सभी की हर लेता है,
निकट न आती बीमारी है।।

शास्त्री जी, कोई विषय आपसे अछूता नहीं रह सकता।
दूसरे, इस तरह कि कविता पढ़कर मन करता है, फिर से आठ-दस या उससे भी कम साल का हो जाऊं.
Sahmat.

Udan Tashtari 24 अप्रैल 2011 10:54 pm  

बहुत बढ़िया प्रस्तुति!

Chinmayee 25 अप्रैल 2011 12:25 pm  

बहुत सुन्दर

Akshita (Pakhi) 26 अप्रैल 2011 9:50 am  

यह सुराही तो वाकई लाजवाब है...
________________________
'पाखी की दुनिया' में 'पाखी बनी क्लास-मानीटर' !!

"चुराइए मत! अनुमति लेकर छापिए!!

Protected by Copyscape Online Infringement Software

Footer

अब मेरे सभी ब्लॉग्स blogspot.com पर आ गये हैं!
(उच्चारण)
http://uchcharan.blogspot.in
/
(शब्दों का दंगल)http://uchcharandangal.
blogspot
.in/
(नन्हे सुमन)http://nicenice-nice.
blogspot
.in/
(बाल चर्चा
मंच)
(चर्चा मंच)http://charchamanch.
blogspot
.in/
(ब्लॉगमंच)http://blogsmanch.blogspot.in/
(अमरभारती)http://bhartimayank.
blogspot
.in/
(हर्ष-आदित्य)http://harshaditya.blogspot.in/

ई-मेल- roopchandrashastri@gmail.com

बच्चों के बलॉग

  © Blogger templates Romantico by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP