कविता : आधी आजादी
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आधी आजादी
हो गई है देश की आजादी ,
छा गया है फिर से अन्धेरा....
सोचा था कि कुछ पल कुछ दिन जी लूँ ,
करू रात को दिन जैसा उजियारा .....
पर चोर और बदमाश नेताओ...
6 घंटे पहले
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11 comments:
nice
Chaand kee bahut sundar prastuti shasri ji
लुका-छिपी का खेल दिखाता।
छिपता कभी प्रकट हो जाता।।
सरलता से व्यक्त करना आपकी विशेषता है. सुन्दर बाल रचना
nice
very beautiful
bahut sundar baalgeet...
सुन्दर प्रस्तुति..
सुंदर शास्त्री जी बहुत सुंदर बाल गीत..सबसे प्यारा चंदा मामा...बेहतरीन बधाई
चंदा मामा पर बहुत सुन्दर बालगीत...और चित्र बहुत सुन्दर हैं
वाह वाह वाह वाह्…………बहुत ही सुन्दर बाल कविता।
वाह वाह्…………बहुत ही सुन्दर कमाल की कविता
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