कविता : आधी आजादी
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आधी आजादी
हो गई है देश की आजादी ,
छा गया है फिर से अन्धेरा....
सोचा था कि कुछ पल कुछ दिन जी लूँ ,
करू रात को दिन जैसा उजियारा .....
पर चोर और बदमाश नेताओ...
5 घंटे पहले
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10 comments:
बच्चो के लिए संदेशप्रद कविता ....आभार
सच्ची ,सीधी संदेश देती रचना ।
दुनिया में अस्तित्व हमारा,
माँ के ही तो कारण है,
खुद गीले में सोती वो,
सूखे में हमें सुलाती है!
उँगली पकड़ हमारी……..
माँ से बढ़ कर दुनिया में और कुछ है ही नही..सुंदर कविता..बधाई शास्त्री जी
यही खासियत रूपचंद की
हृदय विपुल भण्डार छंद की
सरल शब्द में उनकी रचना
रोज नया सिखलाती है
सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
bahut sundar
एक सार्थक संदेश देती रचना …………………बेहद सुन्दर भावों से भरी कविता।
माँ से बढ़ कर दुनिया में और कुछ है ही नही,
एक सार्थक संदेश देती रचना
बहुत खूबसूरत सन्देश देता बालगीत
मनभावन होने के कारण
चर्चा मंच पर
ख़ुशबू के छोड़ें फव्वारे!
शीर्षक के अंतर्गत
इस पोस्ट की चर्चा की गई है!
माँ के ऊपर बहुत सुन्दर व प्यारी कविता..बधाई.
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