कविता : आधी आजादी
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आधी आजादी
हो गई है देश की आजादी ,
छा गया है फिर से अन्धेरा....
सोचा था कि कुछ पल कुछ दिन जी लूँ ,
करू रात को दिन जैसा उजियारा .....
पर चोर और बदमाश नेताओ...
14 घंटे पहले
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4 comments:
बहुत सुंदर पतंग!
पुस्तक लेकर ज्ञान बढ़ाओ।
थोड़ा-थोड़ा पतंग उड़ाओ.nice
ha ha bahut bhadiya rachana..!!
बहुत सही शिक्षा....खेल के साथ पढ़ना भी ज़रूरी है...
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