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26 अक्तूबर, 2013

"काली गइया" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मेरी बालकृति नन्हें सुमन से
एक बाल कविता
"काली गइया"
black cow_1 सुन्दर-सुन्दर गाय हमारी।
काली गइया कितनी प्यारी।।

जब इसको आवाज लगाओ।
काली कह कर इसे बुलाओ।।।

तब यह झटपट आ जाती है।
अम्मा कह कर रम्भाती है।। 

23022009290 यह इसका है छोटा बछड़ा।
अक्सर करता रहता झगड़ा।।

जब यह भूखा हो जाता है।
जोर-जोर से चिल्लाता है।।

रस्सी खोल इसे हम लाते।
काली का दुद्धू पिलवाते।।

मम्मी बर्तन लेकर आती।
थोड़ा दूध दूह कर लाती।।

गाय हमारी गौमाता है।
दूध-दही की यह दाता है।।

2 टिप्‍पणियां:

  1. सहज सरल शैली में सुन्दर बाल गीत।

    रस्सी खोल इसे हम लाते।
    काली का दुद्धू पिलवाते।।

    जवाब देंहटाएं

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