अब बाबा जी ने हवन किया! यज्ञ के पश्चात मैंने हाथ जोड़कर सबको अभिवादन किया! इस अवसर पर मेरे बहुत से दोस्त भी आये थे! उनको मैंने जलपान भी कराया! आधुनिकता में भी मैं किसी से कम नहीं हूँ! मैंने भी मिल्क-केक काटा! |
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14 मार्च, 2011
"मैं हूँ आप सबकी प्यारी प्राची"
"जन्मदिन की बधाई" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
आज तुम्हारी वर्षगाँठ को, मिल कर सभी मनायेंगे। जन्मदिवस पर प्यारी बिटिया को, हम बहुत सजाएँगे।। मम्मी-पापा हर्षित होकर, लायेंगे उपहार बहुत, जो तुमको अच्छे लगते हैं, वस्त्र वही दिलवायेंगे। होली की पिचकारी के संग, रंग सलोने भी होंगे, गुब्बारे और खेल-खिलोने, सुन्दर-सुन्दर लाएँगे।। इष्ट-मित्र और सम्बन्धी भी, देंगे शुभ-आषीष तुम्हें, इस पावन वेला पर घर में, यज्ञ-हवन करवायेंगे। दादा-दादी की बगिया की, तुम ही तो फुलवारी हो, खुशी-खुशी प्यारी प्राची को, हँस कर गले लगायेंगे। -- मेरी पिछली वर्ष मनाई गई सालगिरह के कुछ चित्र बड़े दादा-दादी जी, मेरे नन्हें दोस्त और मेरा पूरा परिवार मम्मी बैठीं है, पापा गुब्बारा फुला रहे हैं! पापा मंगल तिलक लगा रहें हैं और भइया प्रांजल साथ में खड़े हैं! दादी मोबाइल कान में लगाएँ हैं और बाबा जी आशीर्वाद दे रहे हैं! विनीत चाचा जी ने तो मुझे प्यार से गोद में ही उठा लिया है! |
05 मार्च, 2011
"मन का आँगन है महका" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
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