बिना सहारे और सीढ़ी के, झटपट पेड़ों पर चढ़ जाता। गली मुहल्लों में लोगों को, खों-खों करके बहुत डराता। कोई इसको वानर कहता, कोई हनूमान बतलाता। मानव का पुरखा बन्दर है, यह विज्ञान हमें सिखलाता। लाठी और डुगडुगी लेकर, इसे मदारी खूब नचाता। यह करतब से हमें हँसाता, माँग-माँग कर पैसा लाता।